Wednesday, December 23, 2020

Christmas Day 2020: आप भी सांता क्लॉज बनकर हर घंटे कमा सकते हैं 11000 रुपए, जानें कैसे

Career as santa claus: यदि आप क्रिसमस मनाते हैं और आपके परिवार में बच्चे हैं तो आप इस साल अपनी फॅमिली के साथ सांता के साथ यात्रा का भुगतान कर सकते हैं। आज के इस युग में ऑनलाइन बुकिंग के जरिए आप भी सांता को अपने घर या पार्टी में बुला सकते हैं। अगर आप भी पैसे कमाना चाहते हैं तो सांता बनकर पार्टियों में जा सकते हैं। इस सीजन में सांता बनने वाले क्रिएटिव लोग अच्छी कमाई कर रहे हैं।

एक सर्वे के अनुसार सांता बनने वाले आदमी 2000 रूपए प्रति घंटा तक कमाई कर सकते हैं। प्रोफेशनल लोग 8 हजार रूपए प्रति घंटा तक कमा सकते हैं।

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How To Earn Money In this Season

फ्रीलांस सांता के लिए प्रशिक्षित लोगों को ऑफिस की छुट्टियों में पार्टियों या अन्य कार्यक्रमों में जाने के लिए काम पर रखा जा रहा है। खासकर तब जब वह सांता स्कूल से प्रशिक्षण प्राप्त कर चुका हो। इस काम के जरिए कमाई प्रति घंटा लगभग 12 हजार रूपए तक हो सकती है। प्रशिक्षण के पश्चात आप भी ऑनलाइन सांता की बुकिंग के लिए खुद को रजिस्टर करवा सकते हैं। मोटी कमाई की बात करें क्रिसमस के दिन एक घंटे के लिए ग्रीनलीफ़ के सांता को 1,200 डॉलर तक देने की पेशकश की जाती है।

वास्तव में अच्छा सांता औसत सांता की तुलना में बहुत अधिक वेतन की मांग कर सकता है। प्रति वर्ष 40 दिन या उससे अधिक काम करने वाले, उच्च आय वाले सांता छुट्टियों में 20,000 डॉलर कमा सकते हैं।

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Christmas Day 2020

सांता की डिमांड धीरे -धीरे बढ़ती जा रही है, ऐसे में बुकिंग के लिए भी ज्यादा खर्च करना पड़ता है। सांता की कमी को पूरा करने के उद्देश्य से प्रशिक्षण केंद्रों पर फ्रीलांस सांता तैयार किए जाते हैं। सांता की बुकिंग का चार्ज समय और जगह के अनुरूप निर्धारित किया जाता है।

ग्रीनलीफ़ खुद वीकेंड पर 250 डॉलर प्रति घंटे की एक राशि वसूलता है और बात करें क्रिसमस की पूर्व संध्या की तो यह दोगुना तक हो जाती है। उन्होंने अनुमान लगाया कि पिछले साल, उन्होंने नवंबर की शुरुआत से क्रिसमस तक 20,000 डॉलर के करीब कमाई की।



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यूपी पुलिस जेल वार्डर, फायरमैन कांस्टेबल परीक्षा की 'आंसर की' जारी, यहां से करें चेक

UP Police Exam Answer Key 2020: उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBPB) ने 19 और 20 दिसंबर 2020 को आयोजित यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा की उत्तर कुंजी जारी कर दी है। यह परीक्षा जेल वार्डर (महिला/पुरुष), फायरमैन एवं आरक्षी घुड़सवार पुलिस सीधी भर्ती-2016 के लिए आयोजित की गई थी। यूपी पुलिस जेल वार्डर, फायरमैन कांस्टेबल भर्ती परीक्षा 2016 की आंसर की UPPBPB की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की गई है।


19 और 20 दिसंबर 2020 को आयोजित यूपी पुलिस कांस्टेबल सीधी भर्ती परीक्षा 2016 में शामिल लेने वाले कैंडिडेट्स यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट uppbpb.gov.in पर जाकर UP Police Constable Exam Answer Key चेक कर सकते हैं। आंसर की से संबंधित नोटिस यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की ऑफिशियल जारी गई है। इस नोटिफिकेशन के मुताबिक़ आंसर की' 29-12-2020 को रात्रि 12 बजे तक की वेबसाइट पर उपलब्ध रहेगी। कैंडिडेट्स को चाहिए कि वे इस आंसर की को 29-12-2020 के पहले डाउनलोड कर परीक्षा में पूछे गए प्रश्नों से मिलान कर लें।

जो कैंडिडेट्स बोर्ड द्वारा जारी आंसर की के किसी क्वेश्चन/ उत्तर से संतुष्ट नहीं हैं तो वे उस पर अपनी आपत्ति दर्ज करा सकते हैं. आपत्ति दर्ज कराने के लिए कैंडिडेट्स को रजिस्ट्रेशन नंबर व डेट ऑफ बर्थ से वेबसाइट पर लॉगइन करना होगा। उसके बाद वेबसाइट पर दिए गए लिंक में 'J' का अर्थ जेल वार्डर है और 'F' का तात्पर्य फायरमैन से है. दिए गए लिंक पर ही दर्ज कराई गई आपत्ति मान्य होगी।


यूपी पुलिस जेल वार्डर (महिला/पुरुष), फायरमैन एवं आरक्षी घुड़सवार पुलिस सीधी भर्ती-2016 की लिखित परीक्षा का आयोजन 19 और 20 दिसंबर 2020 को दो पालियों में आयोजित किया गया था। (10 बजे से 12 बजे एवं 14 बजे से 16 बजे तक) इसके लिए प्रदेश के 10 जिलों आगरा, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, लखनऊ, मेरठ, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर, कानपुर नगर तथा वाराणसी में कुल 335 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।



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Tuesday, December 22, 2020

Kisan Diwas 2020: कम जगह और कम पानी में ऐसे करें मछली पालन की शुरुआत, जानें पूरी डिटेल्स

Kisan Diwas 2020: देश में मांस और मछली की बढ़ती खपत को देखते हुए मत्स्य पालक उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नयी तकनीक को अपना रहें है। इसके लिए कम पानी और कम खर्च में अधिक से अधिक मछली उत्पादन करने हेतु बायोफ्लॉक तकनीक अपना रहे है। बायोफ्लॉक तकनीक एक आधुनिक व वैज्ञानिक तरीका है। मछली पालन के इस तकनीक को अपनाते हुए मत्स्य पालक न सिर्फ नीली क्रांति के अग्रदूत बनेंगे बल्कि बेरोजगारी से भी मुक्ति मिलेगी। बायोफ्लॉक तकनीक के माध्यम से किसान बिना तालाब की खुदाई किए एक टैंक में मछली पालन कर सकेंगे।

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बायोफ्लॉक तकनीकी
यह कम लागत और सीमित जगह में अधिक उत्पादन देने वाली तकनीकी है। इस तकनीकी में टैंक सिस्टम में उपकारी बैक्टीरिया के द्वारा मछलियों की विष्ठा और अतरिक्त भोजन को प्रोटीन सेल में परिवर्तित कर मछलियों के भोज्य पदार्थ के रूप में रूपांतरित कर दिया जाता है।

बायोफ्लोक्स, शैवाल, बैक्टीरिया, प्रोटोजोअन और कार्बनिक पदार्थों जैसे- मछली की विष्ठा और अतरिक्त भोजन के समुच्चय होते हैं। इसमें 25 से 50 प्रतिशत प्रोटीन तथा 5 से 15 प्रतिशत वसा होती है. बायोफ्लोक्स विटामिन और खनिजों का भी अच्छा स्रोत हैं, खासकर फॉस्फोरस।

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* बायोफ्लोक्स पर प्रोबायोटिक का भी प्रभाव हो सकता है.
* बायोफ्लोक्स दो महत्वपूर्ण सेवाएं प्रदान करता है- अतरित भोजन के अपशिष्ठों का उपचार और पोषण प्रदान करना।
* बायोफ्लोक सिस्टम कम पानी के आदान-प्रदान के साथ काम करता हैं (प्रति दिन केवल 5 से 1 प्रतिशत पानी बदलना पड़ता है)
* बायोफ्लोक सिस्टम में लगातार पानी का मिश्रण और वातन करना आवश्यक होता है।

आवश्यक संसाधन
सीमेंट टैंक/ तारपोलिन टैंक, एयरेशन सिस्टम, विधुत उपलब्धता, प्रोबायोटिक्स, मत्स्य बीज,

पालन योग्य मछली प्रजातियां
पंगेसियस, तिलापिया, देशी मांगुर, सिंघी, कोई कार्प, पाब्दा, एवं कॉमन कार्प.

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आर्थिक लाभ
इस तकनीकी से 10 हजार लीटर क्षमता के टैंक (एक बार की लागत रु. 32 हजार, 5 वर्ष हेतु) से लगभग छः माह (पालन लागत रु. 24 हजार) में विक्रय योग्य 3.4 किंवटल मछली ( मूल्य 40 हजार) का उत्पादन कर अतरिक्त आय प्राप्त की जा सकती है। इस तरह वार्षिक शुद्ध लाभ रु. 25 हजार एक टैंक से प्राप्त किया जा सकता है। यदि मंहगी मछलियों का उत्पादन किया जाये तो यह लाभ 4.5 गुना अधिक हो सकता है।

बायो फ्लॉक तकनीकी के फायदे
* काम लागत, सीमित जगह एवं अधिक उत्पादन।
* अनउपयोगी जमीन एवं अति सीमित पानी का उपयोग।
* अतिसीमित श्रमिक लागत एवं चोरी के भय से मुक्ति।

मछली पालन क्यों करें या मछली पालन के व्यवसाय में क्यों आएं?
बायो फ्लॉक मछली पालन भारत में काफी लाभदायक सिद्ध हो सकता है, क्योंकि करीबन 60 प्रतिशत आबादी मछली खाना पसंद करती है. भारत में मछली की मांग बढ़ने के मुख्य कारण हैं – एक तो मछली काफी स्वादिष्ट होती है व् मछली प्रोटीन व विटामिन का प्रचुर स्रोत है!
आज के युग में लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति काफी जागरूक हैं इसलिए अपने शौक व स्वास्थय सम्बंधित जरूरतों के लिए मछली का सेवन करना पसंद करते हैं!
इन्ही कुछ कारणों से बायो फ्लॉक मछली पालन व्यवसाय तेजी से पनप रहा है और अगर कृषि से सम्बंधित व्यापारों की बात करें तो भारतीय अर्थवयवस्था में मछली पालन उद्योग की हिस्सेदारी तक़रीबन 4.6% से जयादा है!

भारत में मछली पालन व्यवसाय की सम्भावना या भविष्य
भारत में व्यवसायिक तौर पर मछली पालन (Fish Farming) की प्रचुर संभावना है क्योंकि …
1- भारत में मुख्य तौर पर 60% लोग मछली का सेवन करना पसंद करते हैं
2- मछलियों में प्रोटीन की मात्रा अच्छी होने से इसकी मांग व कीमत हमेशा अच्छी बनी रहती है
3- भारत में मछलियों के लिए मौसम की अनुकूलता की वजह से किसी भी तरह के नुकसान की सम्भावना अन्य व्यसाया की अपेक्षा कम होती है
4- भारत में खेती योग्य मछलियों की काफी सारी प्रजातियां व् उपजातिया आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं जिन्हे लोग बड़े चाव से कहते हैं
5- आप उनमेसे से उस नस्ल का चुनाव कर सकते हैं जो जल्दी बड़ी होती हैं व उनका व्यापारिक दृष्टि से मूल्य भी अच्छा मिलता है

"भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस परियोजना के अंर्तगत सामान्य वर्ग के लाभार्थियों को 40 प्रतिशत अनुदान की राशि दी जाती है। तथा कमजोर वर्ग जिसके अंर्तगत महिला, एससी, एसटी सम्मिलित हैं, उन्हें 60 प्रतिशत अनुदान राशि दी जाती है। इस प्रकार 50 लाख पर 30 लाख रुपए ( महिला, एससी, एसटी) राशि का प्रावधान है और सामान्य वर्ग को 20 लाख रुपए की राशि का प्रावधान है।"



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Kisan Diwas 2020: घर से ही करें शुरुआत, और कमाएं लाखों का मोटा मुनाफा, जानें पूरा प्रोसेस

Kisan Diwas 2020: देश में बेरोजगारी जिस अनुपात में बढ़ रही है उसी अनुपात में रोजगार के अवसरों में कमी भी हो रही है। ऐसे में खुद का बिज़नेस करने की सोच रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। आज हम बेहतरीन स्टार्टअप के तौर पर मशरूम फार्मिंग की जानकारी देने जा रहे हैं। खेती के जरिए लाखों की कमाई करना कोई बड़ी बात नहीं है। बस आपको निर्णय यही लेना है कि मेहनत के अनुसार अच्छी कमाई भी होनी चाहिए। शुरुआत के तौर पर आप इस स्टार्टअप को घर से भी कर सकते हैं। इसके लिए आप सिर्फ 5 हजार रुपए की लागत में शुरू कर सकते हैं। खास बात है कि इस बिजनेस को घर में खाली पड़े कमरे या कच्चा घर बनाकर भी आसानी से शुरू कर सकते हैं। एक और खास बात ये है कि इस बिजनेस में आपको ज्यादा संसाधनों की जरूरत नहीं पड़ेगी। कमाई आपकी मेहनत और सक्रियता पर निर्भर करेगी। बिज़नेस बढ़ाने के लिए मेहनत और मोटे मुनाफे के लिए आपको मार्केट की बेहतर समझ भी होनी चाहिए।

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How To Start Mushroom Farming
देश में किसानी के अतिरिक्त छोटे से लेकर बड़े स्तर पर बिज़नेस के रूप में मशरूम फार्मिंग की जाती है। मशरूम फार्मिंग के जरिए आप मोटी कमाई कर सकते हैं। आप मशरूम फार्मिंग का बिजनेस सिर्फ एक कमरे से भी शुरू कर सकते हैं। इसके लिए आपको सिर्फ 5 से 6 हजार रुपए की ज़रूरत होगी।
इसके लिए आपको 20x15 फ़ीट के एक कमरे की ज़रूरत होगी, जिसमें कम्पोजट यानी मशरूम उगाने वाली मिट्टी और बीज का मिश्रण रखना होता है। यह मिटटी गाय या भैंस को दिया जाने वाला चारा भी हो सकती है। अगर भूसे का स्तेमाल किया जाता है तो मशरूम अच्छा निकलेगा।

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Mushroom Farming Period
मशरूम फ़ार्मिंग के लिए दवा और बीज बाजार से मिल जाएगा। चारा आप घर से या कहीं से भी ले सकते हैं। इसके अलावा पहले से तैयार कम्पोजट भी खरीद सकते हैं। चारे को दवा के पानी में भिगोकर रखना होता है। फिर चारे को सिर्फ नमी रखने तक सुखाया जाता है। तैयार चारे को प्लास्टिक की थैली में भरते रहना है और बीज भी थोड़े थोड़े अंतराल पर डालना है। थैली भर जाने पर उसमें छिद्र करने होते हैं। इन पैकेट को छाया में या कमरे में रखना होता है। इसके बाद 20 से 25 दिनों के अंदर मशरूम उगना शुरू हो जाते हैं।

Earning From Mushroom Farming
आप मशरूम फार्मिंग के जरिए तैयार मशरूम की पैकेजिंग भी घर पर कर सकते हैं। महसरूम की मार्केटिंग के लिए आप होटल और रेस्त्रां भी चुन सकते हैं। इसके आलावा मंडी या ऑनलाइन भी आसानी से बेच सकते हैं। इसके लिए आपको किसी कंपनी के साथ साझेदारी करनी होगी। इसके अलावा आप अपनी खुद का ऐप भी बना सकते हैं। इस तरह आप अपना बिजनेस एक बड़े स्तर पर शुरू कर सकते हैं। बड़े स्तर पर बिज़नेस के जरिए आप बीज खुद बनाकर उन्हें बेच भी सकते हैं।



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SBI Recruitment 2020: स्पेशलिस्ट ऑफिसर के 452 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, यहां करें अप्लाई

Sarkari Naukari: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने स्पेशलिस्ट ऑफिसर के पदों के लिए वैकेंसी निकाली है. इन पदों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कैंडीडेट्स आधिकारिक वेबसाइट - sbi.co.in - पर जाकर 21 जनवरी, 2021 तक अप्लाई कर सकते हैं. इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के जरिए 452 पदों पर अप्लाई किया जाएगा. जो भी कैंडीडेट अप्लाई करना चाहते हैं वे एक बार नोटिफिकेशन जरूर पढ़ लें.


पदों का विवरण (Vacancy Details)
इंजीनियर (फायर)- 16
डिप्टी मैनेजर (इंटरनल ऑडिट)- 28
नेटवर्क स्पेशलिस्ट- 32
सिक्युरिटी एनालिस्ट- 100

ऑफिसर (विविध, टेक्निकल, आईटी)- 235
मैनेजर (क्रेडिट प्रोसीजर)- 2
मार्केटिंग- 38

ऐसे करें अप्लाई (How to Apply)
इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है. अप्लाई करने के लिए कैंडीडेट्स को एसबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर विजिट करना होगा. बता दें कि जल्द ही एसबीआई पीओ 2020 परीक्षा होने वाली है. इसके लिए जल्द ही एडमिट कार्ड रिलीज हो सकता है. माना जा रहा है कि एसबीआई क्लर्क 2020 का रिजल्ट जल्द ही जारी हो जाएगा.



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सरकारी नौकरी: 1473 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू, जानें पूरा प्रोसेस

UPPSC Lecturer Recruitment 2020: उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने व्याख्याता के 1473 पदों पर भर्ती निकाली है। यह वैकेंसी UPPSC की तरफ से उत्तर प्रदेश के राजकीय इंटर कॉलेजों एवं राजकीय बालिका इंटर कॉलेजों रिक्त पदों के लिए निकाली गई है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार आधिकारिक वेबसाइट uppsc.up.nic.in पर जाकर ऑनलइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने से पूर्व पात्रता संबंधी सभी जरुरी जानकारी के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन अवश्य पढ़ें।

UPPSC Lecturer Notification 2021 के तहत जारी की गई 1473 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन की प्रक्रिया 22 दिसंबर 2020 से शुरू हो जाएगी। इस वैकेंसी के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 22 जनवरी 2021 निर्धारित की गई है।

महत्वपूर्ण तिथियां
ऑनलाइन आवेदन की शुरुआत- 22 दिसंबर 2020
ऑनलाइन आवेदन करने की आखिरी तारीख- 22 जनवरी 2021
आवेदन शुल्क जमा करने की आखिरी तारीख- 18 जनवरी 2021

रिक्तियों का विवरण
लेक्चरर (जीआईसी) के पदों की संख्या- 991
लेक्चरर (जीजीआईसी) के पदों की संख्या- 482

किसी वर्ग में कितने पद
1473 रिक्त पदों में से 991 पद पुरुष संवर्ग के हैं। इनमें से 400 पद अनारक्षित, 98 पद ईडब्लूएस, अन्य पिछ़डा वर्ग के 265, अनुसूचित जाति के लिए 210 एवं अनुसूचित जनजाति वर्ग के लिए 18 पद हैं। इस क्रम में महिला संवर्ग के 482 पदों में 203 पद अनारक्षित, ईडब्लूएस के 42, अन्य पिछड़ा वर्ग के 130, अनुसूचित जाति के 101 एवं अनुसूचित जनजाति के लिए 6 पद आरक्षित हैं।

वेतनमान
लेक्चरर (जीआईसी) और लेक्चरर (जीजीआईसी) के पदों के लिए चयनित उम्मीदवारों को वेतन के रूप में 47600 रुपये से 151100 रुपये प्रति माह तक मिलेगा. ये वेतनमान लेवल-8 के आधार पर होगा।

आयु सीमा
आयोग की ओर से जारी सूचना के मुताबिक 21 वर्ष से लेकर 40 वर्ष के बीच की आयु वाले उम्मीदवार इस भर्ती के लिए योग्य माने जाएंगे। आयु की गिनती एक जुलाई 2020 तक के आधार पर होगी। हालांकि, दिव्यांगजन के लिए आयु सीमा 55 वर्ष निर्धारित की गई है।

योग्यता
आयोग के मुताबिक इस भर्ती के लिए आवेदन कर रहे उम्मीदवारों के पास संबंधित सब्जेक्ट में मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से पोस्ट ग्रेजुएशन और बीएड या एलटी डिप्लोमा का होना अनिवार्य है।

चयन प्रक्रिया
लोक सेवा आयोग की ओर से पहली बार लेक्चरर पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन मुख्य परीक्षा के आधार पर होगा। यानी उम्मीदवारों को प्रारंभिक परीक्षा और मुख्य परीक्षा ही देनी होगी, इसके लिए इंटरव्यू नहीं लिया जाएगा।

आवेदन शुल्क
Gen/OBC/EWS वर्ग के उम्मीदवारों के लिए- 225 रुपये
SC/ST/Ex-S वर्ग के उम्मीदवारों के लिए - 105 रुपये
दिव्यांगजनों के लिए- 25 रुपये



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SSC MTS 2019 DV Admit Card: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए एडमिट कार्ड जारी

SSC MTS 2019 DV Admit Card: कर्मचारी चयन आयोग ने एमटीएस परीक्षा 2019 में सफल रहे उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हेतु एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। यह एडमिट कार्ड सेंट्रल रीजन और मध्य प्रदेश रीजन के लिए ही जारी किए गए हैं। एडमिट कार्ड एसएससी की संबंधित रीजनल वेबसाइट्स, ssc-cr.org और sscmpr.org पर उपलब्ध है। संबंधित रीजन के उम्मीदवार, रीजनल वेबसाइट पर विजिट कर अपना कॉल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं।

Download SSC MTS 2019 DV Admit Card Without Registration Number
यदि आप अपना रोल नंबर या रजिस्ट्रेशन नंबर भूल गए हैं, या उपलब्ध नहीं है, तो भी आप अपना कॉल लेटर डाउनलोड कर सकते हैं। इसके लिए आपको अपने नाम और पिता के नाम के पहले चार अक्षर और अपना डेट ऑफ बर्थ दर्ज कर सर्च करना होगा। इसके बाद आप अपना कॉल लेटर प्राप्त कर सकते हैं।

बता दें कि एसएससी सेंट्रल रीजन के एमटीएस भर्ती परीक्षा 2019 में चयनति उम्मीदवारों का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 4 जनवरी से 22 जनवरी, 2021 तक किया जाना है। वहीं, मध्य प्रदेश रीजन के उम्मीदवारों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया 11 जनवरी से प्रारंभ करके 16 जनवरी, 2021 तक पूरी की जानी है।

How To Download SSC MTS 2019 DV Admit Card
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन कॉल लेटर डाउनलोड करने के लिए, उम्मीदवार सबसे पहले एसएससी की आधिकारिक वेबसाइट, ssc.nic.in पर जाएं। होमपेज पर उपलब्ध एडमिट कार्ड लिंक पर क्लिक करें। अब एक नया पेज ओपन होगा। यहां संबंधित रीजनल वेबसाइट के यूआरएल पर क्लिक करें। अब फिर से आपको एक नए पेज पर लाया जाएगा। अब कॉल लेटर के डाउनलोड लिंक पर क्लिक करें। यहां रजिस्ट्रेशन आईडी या रोल नंबर और डेट ऑफ बर्थ दर्ज कर सर्च करें। अब आपका कॉल लेटर स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगा। इसमें दिए गए डिटेल्स को चेक करें। आगे उपयोग के लिए कॉल लेटर को डाउनलोड कर लें व हार्ड कॉपी निकाल कर रखें।



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